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Rishabh Verma
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लालू यादव की आने वाली किताब में प्रशांत किशोर को लेकर किये गए दावे को प्रशांत ने नकारा

लालू यादव की आने वाली किताब में प्रशांत किशोर को लेकर किये गए दावे को प्रशांत ने नकारा

राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू यादव की पुस्तक ‘गोपालगंज टू रायसीना: माय पॉलिटिकल जर्नी’ लांच होने जा रही है। सुर्खियां बंटोरने में माहिर लालू यादव ने अपनी इस पुस्तक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर के बारे में विवादास्पद बातें कही हैं।

अपनी पुस्तक में लालू ने कहा है कि जेडीयू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर उनसे कई बार मिले और जेडीयू को महागठबंधन में फिर से शामिल करने का आग्रह किया। लालू के अनुसार नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर को उनके पास दूत बनाकर भेजा ताकि महागठबंधन में फिर से शामिल होने का रास्ता साफ़ हो जाए। लालू के अनुसार महागठबंधन से अलग होकर भाजपा में शामिल होने के 6 महीने के भीतर ही जेडीयू ने प्रशांत किशोर के सहारे फिर वापसी के प्रयास शुरू कर दिए थे।

लालू यादव ने यह भी कहा कि उन्होंने जेडीयू की इस मांग को मानने से इंकार कर दिया था क्योंकि अब उनका नीतीश कुमार से विश्वास उठ चुका है। उनका यह भी कहना था कि प्रशांत उनसे लिखित में समर्थन की जुगत लगा रहे थे ताकि उनकी पार्टी को महागठबंधन में वापसी पर कोई अड़चन न आये।

प्रशांत किशोर ने इसका जवाब देते हुए कहा है कि यह बात सच है कि वे जेडीयू में शामिल होने से लालू यादव से मिले थे लेकिन उन्होंने कभी भी जेडीयू के महागठबंधन में फिर से शामिल होने पर कोई चर्चा नही की। प्रशांत ने ज़ोर देकर कहा कि वे यदि सच बोल देंगे तो लालू को शर्मिंदा होना पड़ जायेगा।

शुक्रवार को प्रशांत किशोर ने ट्विटर पर लिखा कि “लालूजी के दावे जिन्हें रिपोर्ट किया गया है वे बोगस हैं, यह उस नेता के चर्चा में बने का घटिया तरीका है जिनके अच्छे दिन अब जा चुके हैं। इस बात में सच्चाई है कि जेडीयू में शामिल होने से पहले मैं उनसे कई बार मिला लेकिन अगर मैं यह बता दूँ कि हमारी चर्चा किन बातों पर हुई तो लालू जी शर्मिंदा हो जायेंगे”

लालू की आने वाली किताब में किये गए दावों पर तेजस्वी यादव ने भी मुहर लगते हुए मीडिया से कहा की कई बार नितीश कुमार महागठबंधन का हिस्सा बनने का कोशिश करते रहे। इस पर प्रशांत ने अपने ट्वीट में उन्हें मेंशन करते हुए लिखा की “तेजस्वी यादव आज भी लोगों के लिए आपकी पहचान और उपलब्धि बस इतनी है कि आप लालूजी के लड़के हैं।

इसी एक वजह से पिता की अनुपस्थिति में आप RJD के नेता हैं और नीतीशजी की सरकार में DyCM बनाए गए थे। पर सही मायनों में आपकी पहचान तब होगी, जब आप छोटा ही सही पर अपने दम पर कुछ करके दिखाएंगे।”