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Rishabh Verma
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कौन हैं एस जयशंकर? जिन्हे मनमोहन विदेश सचिव नहीं बना पाए पर मोदी ने विदेश मंत्री बना दिया!

कौन हैं एस जयशंकर? जिन्हे मनमोहन विदेश सचिव नहीं बना पाए पर मोदी ने विदेश मंत्री बना दिया!

साल 2013 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में नया विदेश सचिव चुना जाना था।तब मनमोहन सिंह की इच्छा थी की आईएफएस अधिकारी एस. जयशंकर को विदेश सचिव बनाया जाए लेकिन वरिष्ठता क्रम में सुजाता सिंह के ऊपर होने की वजह से उनकी इच्छा अधूरी रह गई थी। उस समय खबर आयी थी की सोनिया गांधी के कहने पर ही एस. जयशंकर को विदेश सचिव न बना कर सुजाता सिंह को विदेश सचिव बनाया गया था।

आपको बता दें की अब मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में कैबिनेट बैठक में कई नए मंत्रियों को जगह मिली। इसमें कई चौंकाने वाले फैसले भी सामने आये जैसे पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर को विदेश मंत्री बनाया गया है। आपको बता दें की एस जयशंकर जनवरी 2015 से जनवरी 2018 तक विदेश सचिव रह चुके है। इस बार सुषमा स्वराज सरकार में शामिल नहीं हुईं और जयशंकर को देश का नया विदेश मंत्री बना दिया गया। जयशंकर ने विदेश सचिव के रूप में अमेरिका, चीन समेत बाकी देशों के साथ भी महत्वपूर्ण बातचीतों में हिस्सा लिया। चीन के साथ 73 दिन तक चले डोकलाम विवाद को सुलझाने में भी जयशंकर का अहम रोल बताया जाता है।

सुब्रह्मण्यम जयशंकर का जन्म 15 जनवरी 1957 को दिल्ली में हुआ। उनके दिवंगत पिता के. सुब्रमण्यम भारत के प्रमुख रणनीतिक विश्लेषकों में से एक माने जाते रहे हैं। एस. जयशंकर की शिक्षा एयरफोर्स स्कूल और सेंट स्टीफेंस कॉलेज में हुई। उनकी पत्नी का नाम क्योको जयशंकर है और उनके दो पुत्र तथा एक पुत्री हैं।

बता दें की जब 2013 में UPA-2 के कार्यकाल के लिए विदेश सचिव चुनना था तो उस समय खबर आयी थी कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जयशंकर की जगह सुजाता सिंह को तवज्जो दी थी क्योंकि वह सीनियर पद पर थी और कुछ लोगों का कहना है कि सुजाता के पिता और पूर्व IB चीफ टीवी राजेश्वर के गांधी परिवार से अच्छे संबंध थे इसके चलते जयशंकर को विदेश सचिव नहीं बनाया गया था।

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