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Nikhil Talwaniya
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भोपाल लोकसभा सीट: साध्वी प्रज्ञा और दिग्गी राजा के मध्य होगी आर-पार की लड़ाई

भोपाल लोकसभा सीट: साध्वी प्रज्ञा और दिग्गी राजा के मध्य होगी आर-पार की लड़ाई

देश भर में लोकसभा चुनावों की शुरुआत हो चुकी है  और इसी कड़ी में आज दूसरे चरण का मतदान हुआ। इस लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश के भोपाल लोकसभा सीट का मुकाबला आकर्षण का केंद्र बन गया है क्योंकि भोपाल में कांग्रेस की तरफ से मध्यप्रदेश से 2 बार मुख्यमंत्री रहने वाले दिग्विजय सिंह है तो वही भाजपा ने कल दिग्विजय सिंह की घोर विरोधी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को मैदान में उतारा है।

बता दें की कांग्रेस के शासनकाल में हिन्दू आतंकवाद को साबित करने के लिए साध्वी प्रज्ञा को झूठे आरोप में फंसा कर उन्हें शासन और प्रशासन द्वारा मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया है। और इन सब में भोपाल से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह की भी अहम भूमिका थी।

भोपाल लोकसभा सीट कांग्रेस के लिए जीतना अब मुश्किल माना जा रहा है। यहाँ से 1984 से अभी तक भाजपा को कांग्रेस हरा नहीं पायी है। पिछले आकड़ों को देखे तो 1989 में सुशील चंद्र शर्मा ने इस लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की थी उसके बाद से इस सीट पर कभी भी भाजपा को हार का मुँह नहीं देखना पड़ा।

जब कांग्रेस ने भोपाल सीट पर दिग्विजय सिंह का नाम घोषित किया तब साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने संघ के समक्ष भोपाल से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की उसके बाद से ही संघ के कहने पर भाजपा ने प्रज्ञा ठाकुर का टिकट फाइनल कर दिया था परन्तु स्थानीय नेताओं को साधने के चक्कर में घोषणा करने में देरी की गई थी।

भाजपा का पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मध्यप्रदेश का प्रभारी बनाना दिग्विजय सिंह के लिए सिरदर्द साबित हो सकता है। टिकट की घोषणा होने के बाद से ही शिवराज सिंह और संघ के भोपाल स्थित कार्यकर्ताओं ने कमान संभाल ली है।

शिवराज का साध्वी प्रज्ञा को समर्थन देना दिग्विजय के लिए हानिकारक हो सकता है क्योंकि शिवराज की भोपाल में और उसके आस पास स्थित ग्रामीण इलाकों में बहुत अच्छी पकड़ है। और ये सब साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के लिए फ़ायदेमंद है।