Go to the profile of  Punctured Satire
Punctured Satire
1 min read

शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद ने कहा ‘कांग्रेस नेता अहमद पटेल से शिया कार्यकर्ताओं को है जान का खतरा’

शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद ने कहा ‘कांग्रेस नेता अहमद पटेल से शिया कार्यकर्ताओं को है जान का खतरा’

वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल पर शीर्ष शिया नेता कल्बे जव्वाद ने गंभीर आरोप लगाए है और यह दावा किया है कि कर्बला जोर बाग में हो रहे जमीन पर कब्जे को रोकने वाले शिया कार्यकर्ताओं को उनके द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

बता दें की दिल्ली में स्थित जोर बाग इलाके में 2.5 एकड़ जमीन पर कब्ज़ा रोकने का प्रयास करने वाले एक शिया कार्यकर्ता की सोमवार के दिन दहाड़े हत्या कर दी गयी थी। इस हत्या के उपरांत केंद्र सरकार से शिया नेता मौलाना कल्बे जव्वाद ने भू-माफियों से शिया संस्था की सुरक्षा करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने दावा भी किया की उन जगहों पर कांग्रेस नेता अहमद पटेल द्वारा भू-माफियाओं को संरक्षण मिला हुआ है। इसलिए शिया संस्था के सदस्यों के लिए मौलाना जव्वाद पुलिस सुरक्षा देने की मांग कर रहे है।

पहली बार बुधवार को ‘माय नेशन’ नामक वेबसाइट ने एक रिपोर्ट की थी जिसमे जोर बाग में 215 एकड़ जमीन पर कांग्रेस नेता द्वारा कब्ज़ा करने का प्रयास किये जाने की खबर आई थी। ‘माय नेशन’ को दिए एक इंटरव्यू में मौलाना जव्वाद ने बताया कि उन्होंने हाल ही में वक्फ की जमीन की सुरक्षा लिए एक बड़ी कॉन्फ्रेंस की थी ,लेकिन उसके बाद शब्बीर जैदी का क़त्ल कर दिया गया।

जव्वाद ने यह भी बताया कि कर्बला की जमीन को बचाने के लिए जैदी की भूमिका अहम थी वह वक्फ की जमीन को अहमद पटेल के संरक्षण में कार्य कर रहे भू-माफियाओं से बचाने के प्रयास में लगे हुए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि जैदी की हत्या के उपरांत अब अहमद पटेल के विरुद्ध मामले में वरिष्ठ वकील महमूद प्राचा, अंजुम-ए-हैदरी ट्रस्ट के सेक्रेटरी जनरल बहादुर अब्बास नकवी, मैनेजर जहारुल हसन की जान को भी खतरा है।

मौलाना जव्वाद ने कहा की केन्द्र सरकार संस्था के सदस्यों को सुरक्षा प्रदान करे क्योंकि अहमद पटेल की पहचान कई बड़े राजनीतिक दलों से है और वह खुद भी एक ताकतवर नेता है। कई बार पटेल के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज की गयी है लेकिन उस पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हुई है।

जव्वाद ने पटेल पर कई आरोप लगाए और कहा कि वह केवल अपना हित साध रहे है। वह जमीनों को हड़प का निजी लाभ लेना चाहते है।