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Prabhat Sharma
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गोडसे पर प्रज्ञा के बयान से आहत मोदी ने कहा - मैं मन से उन्हें कभी मांफ नही कर पाऊंगा

गोडसे पर प्रज्ञा के बयान से आहत मोदी ने कहा - मैं मन से उन्हें कभी मांफ नही कर पाऊंगा

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर जब से भाजपा की प्रत्याशी बनी हैं तब से ही उन्होंने विवादास्पद बयानों की झड़ी लगा दी है। इस बार जब उन्होंने गांधीजी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहा तो इससे प्रधानमंत्री मोदी काफी नाराज दिखे। उन्होंने कहा वे इस बयान पर प्रज्ञा ठाकुर को मन से कभी मांफ नही कर पाएंगे।

शुक्रवार को दिए एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गांधीजी और गोडसे को लेकर जो भी बयान दिए गए हैं वे घृणा और आलोचना के योग्य है। उन्होंने कहा कि सभ्य समाज में ऐसी सोच नही होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी को भी ऐसे बयान देने से पहले सौ बार सोचना चाहिए। उन्होंने प्रज्ञा ठाकुर द्वारा माफ़ी मांग लेने पर कहा कि मैं मन से उन्हें कभी मांफ नही कर पाऊंगा।

इस बीच भाजपा ने मध्यप्रदेश पार्टी प्रवक्ता अनिल सौमित्र को भी गांधी विरोधी पोस्ट लिखने के कारण निलंबित कर दिया है। सौमित्र ने गांधीजी को पाकिस्तान का राष्ट्रपिता बता दिया था।

भाजपा नेताओं के द्वारा दिए जा रहे एक के बाद एक विवादास्पद बयानों के कारण पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को भी बचाव में आना पड़ा है। उन्होंने ट्वीट करके पार्टी का बचाव करते हुए कहा है कि पिछले दो दिनों में 3 नेताओं के द्वारा जो बयान दिए हैं, भाजपा का उनसे कोई लेना देना नही है। इसके लिए अनुशासन समिति के द्वारा 10 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपी जायेगी।

शाह ने सफाई देते हुए कहा है कि विगत 2 दिनों में भाजपा के तीन नेताओं -  अनंत कुमार हेगड़े, साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और नलिन कटील के जो बयान आये हैं वे उनके निजी बयान हैं तथा भाजपा का इस तरह के बयानों से कोई संबंध नही है। अनंत कुमार हेगड़े ने अपना बचाव करते हुए कहा कि उनका अकाउंट हैक हो गया था। भाजपा के इन नेताओं ने अपना बयान वापिस लिया और मांफी भी मांगी है लेकिन पार्टी ने इसे गंभीरता से ले रही है। इन बयानों को पार्टी की अनुशासन समिति को सौंप दिया गया है। समिति 10 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

गोडसे पर दिए गए बयानों पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा - “आख़िर में समझ गया। भाजपा और आर एस एस… ये ‘गॉड के’, प्यार करने वाले नही हैं, ये ‘गॉड से’ को प्यार करने वाले हैं।”

गोडसे वाले बयान पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी भाजपा को घेरने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “शुक्र है उन्होंने गोडसे को देवता नहीं कहा।” उन्होंने कहा यह बयान ही भाजपा की सोच का प्रतीक है। दिग्विजय सिंह ने भी प्रज्ञा के बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा गोडसे को महिमामंडित करना देश द्रोह है तथा इस बयान के लिए प्रधानमंत्री, भाजपा अध्यक्ष और भाजपा नेताओं को देश से मांफी माँगना चाहिए।