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Punctured Satire
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मोदी के भाषण में आये अभिनंदन शब्द को कमअक्ल पाकिस्तानियों ने ‘विंग कमांडर अभिनंदन’ से जोड़ा

मोदी के भाषण में आये अभिनंदन शब्द को कमअक्ल पाकिस्तानियों ने ‘विंग कमांडर अभिनंदन’ से जोड़ा

शनिवार को लोकसभा चुनाव में जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्लियामेंट हॉल में एनडीए के सांसदों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के परिवार का प्रत्येक प्रत्येक साथी कोटि कोटि अभिनंदन का अधिकारी है। जिसने निःस्वार्थ भाव से लोकतंत्र का झंडा ऊँचा रखते हुए देश के सामान्य मानव की आशा आकांछाओं की पूर्ति के लिए जी जान से, लोकतांत्रिक तरीके से, पूरे लोकतंत्र के उत्सव में सम्मिलित होकर उसकी आन बान शान बढ़ाने में यशस्वी भूमिका निभाई है।

पाकिस्तान के एक न्यूज़ चैनल ARY News का एंकर प्रधानमंत्री मोदी के इस भाषण को बिल्कुल भी नही समझ पाया। एंकर समझ नही पाया यहाँ तक तो ठीक था, लेकिन उसने इस भाषण का एक अलग ही मतलब निकाल लिया। उसने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के दौरान प्रयोग किये गए शब्द ‘अभिनंदन’ को विंग कमांडर अभिनंदन समझ लिया। उसने मोदी के भाषण को समझे बगैर उस पर मनगढ़ंत न्यूज़ बना दी। उसने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बदले की मुहिम को जारी रखते हुए बार-बार विंग कमांडर अभिनंदन का नाम लिया और उसे हीरो की तरह पेश किया।

अभिनंदन शब्द का अर्थ न समझने और उसे विंग कमांडर अभिनंदन के साथ जोड़ने की एंकर की इस भूल के कारण इंटरनेट पर उसका खूब मज़ाक बनाया जा रहा है।

नायला इनायत ने ट्विटर पर लिखा पर ARY News को लिखा, “हिंदी शब्द अभिनंदन का अर्थ होता है - बधाई, ग्रीटिंग्स। इसलिए अभिनंदन का मतलब हमेशा विंग कमांडर अभिनंदन नही होता। अगर ये नही समझे तो नरेंद्र मोदी के स्पीच का कॉन्टेक्स्ट (संदर्भ) ही देख लेते। सनसनी फैलाने के लिए भी अक़्ल चाहिए!”

कुमार मनीष ने पाकिस्तानी चैनल की इस गलती पर चुटकी लेते हुए ट्विटर पर लिखा, “क्या हिंदी ट्रांसलेटर ढूंढना इतना मुश्किल है?"

वहात तारिक भट्ट ने अपने ट्विटर पर लिखा, “ओह माय गॉड! ये बहुत स्पष्ट था। यहाँ एडिटर कौन था?”

ARY News एंकर की इस गलती से पूरा पाकिस्तानी मीडिया संदेह के घेरे में आ जाता है। किसी खबर को बनाने से पहले उसमें तथ्यों की सत्यता की पुष्टि कर लेना चाहिए और यह भी स्पष्ट कर लेना चाहिए कि कौन सी बात किस संदर्भ में कही गई है। अगर ऐसा ही जारी रहा तो की जनता गुमराह होगी और उनमें डर और असंतोष की भावना पैदा होगी।

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