जम्मू-कश्मीर में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच आज धारा 370 हटाने का निर्णय किया गया। इससे कश्मीर के नेता ही नहीं बल्कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की भी नींद उड़ी हुई है। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने इस मामले में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हस्तक्षेप करने की गुहार लगायी है।

इमरान खान ने  ट्विटर के जरिये ट्वीट करते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है कि कश्मीर मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मध्यस्थता करें। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने लिखा कि, "राष्ट्रपति ट्रंप ने कश्मीर मामले में मध्यस्थता की पेशकश की। अब ऐसा करने का समय आ गया है क्योंकि वहां हालात खराब हो रहे हैं और नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना नए आक्रामक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्रीय संकट को हवा देने वाले कदम हैं।”

भारत के साथ अचानक बढ़े तनाव के देखते हुए पाक पीएम ने रविवार को देश के सैन्य अधिकारियों और शीर्ष नौकरशाहों के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा हेतु एनएससी की बैठक भी बुलाई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कश्मीर मुद्दे का हल निकालने के लिए मध्यस्थता की पेशकश से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान खुश थे और उन्होंने कहा था कि इस विवादित मुद्दे को दोनों पड़ोसियों के मध्य द्विपक्षीय रूप से नहीं सुलझाया जा सकता। हालाँकि व्हाइट हाउस में दोनों नेताओं ने मुलाकात के दौरान अफग़ानिस्तान शांति प्रक्रिया समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी। इस तरह के बयान आने के बाद भारत सरकार ने ट्रंप के इस दावे को खारिज भी कर दिया था कि उनसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने का अनुरोध किया है।

इस मुद्दे पर इमरान खान ने कहा था कि “मुझे लगता है कि उपमहाद्वीप में लोगों में ऐसी भावना है कि फरवरी में कुछ घटनाएँ हुई थीं और सीमा पर फिर से तनाव हुआ।  इसलिए मैंने राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा कि क्या वह इस भूमिका में आना चाहेंगे. अमेरिका दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश है, एकमात्र ऐसा देश है जो कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए पाकिस्तान और भारत के बीच मध्यस्थता कर सकता है. इमरान खान ने कहा था कि हम पिछले 70 साल से सिर्फ और सिर्फ कश्मीर के कारण सभ्य पड़ोसियों की तरह नहीं रह सके है।”