पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार अब ISI के विरूद्ध जा कर काम करने की शुरुआत कर चुकी है और इसी कड़ी में उन्होंने 10 आतंकी कैम्प को बंद कर दिया है। जी हाँ पिछले कुछ महीनों में भारत की तरफ से बनाये गए कूटनीतिक दवाब का असर अब नजर आने लगा है और पाकिस्तान भी आतंक के खिलाफ कदम उठाने को मजबूर हो रहा है। रिपब्लिक न्यूज़ की खबर के अनुसार पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने पाकिस्तान में चल रहे 10 आतंकी कैम्स को बंद कर दिया है। वो भी तब जब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI पाकिस्तान की सरकार के इस निर्णय से खुश नहीं नजर आ रहा है।

MASSIVE faceoff ahead of FATF meeting: Imran Khan govt & ISI at loggerheads

MASSIVE faceoff ahead of FATF meeting: Imran Khan govt & ISI at loggerheads

Posted by Republic on Monday, June 17, 2019

इससे पहले रविवार को पाकिस्तान ने कश्मीर के पुलवामा जिले के अंवतीपुरा के पास संभावित हमले को लेकर भारत से जानकारी भी साझा की थी। इस बात की पुष्टि श्रीनगर में शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने किया। ऐसा पहली बार हुआ की पाकिस्तान ने आगे होकर हमले की जानकरी दी है। इसके बाद से कश्मीर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक अवंतीपोरा के पास एक वाहन पर विस्फोटक (IED) का इस्तेमाल कर आतंकवादियों द्वारा हमले किए जाने की चेतावनी दी गई है। यह जानकारी उन्होंने अमेरिका से भी साझा की है। एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा की पिछले महीने त्राल में एक मुठभेड़ में मारे गए आतंकी जाकिर मूसा की मौत का बदला लेने के लिए हमले की योजना बनाई जा रही थी।

कहा जा रहा है की पाकिस्तान द्वारा पहले से जानकारी देने के दो उद्देश्य हो सकते है। पहला की यदि हमला होता है तो आरोपों से बच सके क्योंकि हमने अमेरिका को भी इसी सूचना दी थी। या फिर दूसरा ये कि वह अधिकारियों को सतर्क करने के लिए वास्तविक प्रयास कर रहा है। बता दें की इस अलर्ट के बाद से ही कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, इसमें कहा गया है कि आतंकी अमरनाथ यात्रा से पहले या यात्रा के दौरान अपने मंसूबों को अंजाम दे सकते हैं। बता दें की 1 जुलाई से अमरनाथ की यात्रा चालू होने वाली है। अमरनाथ यात्रा के दौरान पवित्र गुफा तक जाने वाला मार्ग अनंतनाग और अवंतीपोरा से होकर गुजरता है, जहां आतंकी सबसे ज्यादा सक्रिय रहते हैं। हो सकता है की आतंकवादी एक बार फिर पुलवामा हमले जैसा हमला करने फ़िराक में हो।