Go to the profile of  Rishabh Verma
Rishabh Verma
1 min read

मोदी के बजट से मंत्रमुग्ध हुए अर्थशात्री, कहा “जो पिछली सरकारें नहीं कर पायी, वो मोदी ने किया”

मोदी के बजट से मंत्रमुग्ध हुए अर्थशात्री, कहा “जो पिछली सरकारें नहीं कर पायी, वो मोदी ने किया”

मोदी सरकार ने अपना बजट पेश करते हुए बीएसई और एनएसई की तर्ज पर एसएसई की बात की। एसएसई मतलब है सोशल स्टॉक एक्सचेंज। मोदी सरकार के इस कदम से अर्थशात्रियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। अर्थशात्रियों को मोदी सरकार के इस बजट में विजन दिखाई देता है, जो आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है।

मोदी सरकार श्रम कानूनों में बदलाव करके मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में चीन की बराबरी करना चाहता है। अब 100 से अधिक श्रम कानूनों की जगह सिर्फ 4 तरह के कानून सरकार लाएगी। अर्थशात्रियों ने मोदी सरकार की इस पहल को साहसिक बताया है। उनके अनुसार यह एक शुभ संकेत है।

प्रो. जय प्रकाश शर्मा ने मोदी सरकार के इस बजट को ग्रोथ ओरिएंटेड यानी विकासोन्मुखी बताया है। वे दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के पूर्व डीन और ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन फॉर कारपोरेट गवर्नेंस के चेयरमैन हैं। उन्होंने एमएसई सेक्टर के लिए 35 हजार करोड़ रुपयों की व्यवस्था करने के कदम की काफी सराहना की है। उन्होंने सरकार के सोशल स्टॉक एक्सचेंज शुरू करने के कदम को भी बहुत उत्साहवर्द्धक बताया है।

प्रो. शर्मा के अनुसार इंश्योरेंस, एविएशन और मीडिया सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से घाटे में चल रही कंपनियों को बचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि एविएशन में पहले से ही एफडीआई की व्यवस्था सरकार कर देती है तो विमानन कंपनियों के बंद होने की नौबत नही आती।

श्रम कानूनों के बारे में जिक्र करते हुए प्रो. शर्मा ने कहा कि इससे इंस्पेक्टरराज खत्म होगा। शर्मा ने बताया कि चीन में बेहतर श्रम कानूनों के कारण ही वह मैन्यूफैक्चरिंग में भारत से आगे है। उन्होंने हाउसिंग लोन पर साढ़े 3 लाख तक की छूट दिए जाने वाले कदम की भी काफी सराहना की है।

बीएचयू के वाणिज्य संकाय के प्रोफेसर धनंजय साहू ने मोदी सरकार के इस बजट को परिवर्तनकारी बताया है। उनके अनुसार ये बजट आशाओं से भरा हुआ है। यह देश की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। कॉर्पोरेट टैक्स में कमी करने के कदम से कई मल्टीनेशनल कंपनियां भारत की ओर आकर्षित होंगी।

पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अजय द्विवेदी ने भी बजट को कुल मिलाकर अच्छा बताया। उन्होंने एक करोड़ से नीचे टर्नओवर वाले खुदरा व्यापारियों को पेंशन देने को अच्छा कदम बताया लेकिन सवाल उठाया कि इसके लिए पैसा कहा से आएगा।