यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक इंटरव्यू के दौरान हिंदी को देश के माथे की बिंदी बताया है और यह भी कहा है कि यदि दक्षिण भारत के लोग हिंदी सीखते हैं तो उन्हें उत्तर भारत में रोजगार मिलेगा।

इसके अतिरिक्त योगी आदित्यनाथ ने संपूर्ण देश में हिंदी को सम्मान दिए जाने की बात कही है।  उन्होंने हिंदी का विरोध करने पर विपक्ष को भी आड़े हाथों ले लिया। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी राजभाषा है और राजभाषा का सम्मान होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जो भी हमारे देश के राष्ट्रीय सम्मान के प्रतीक हैं उनका सम्मान होना चाहिए। हम सभी का दायित्व है इन सभी चीजों का सम्मान करे। उन्होंने कहा कि इतना तो हो सकता है कि आप न्यायालय का कार्य अंग्रेजी के साथ-साथ वहां की लोकल भाषा में भी कर सकते हैं। तमिलनाडु की बात करते हैं तो अंग्रेजी के साथ तमिल भी दीजिए क्योंकि आम आदमी अंग्रेजी नहीं जानता है उसे ऐसे में तमिल में यह जानने का अधिकार होना चाहिए कि न्यायालय में क्या-क्या हो रहा है  इसके अतिरिक्त ये अच्छी बात है वे राजभाषा के नाते हिंदी को अडॉप्ट करें।  

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आप केरल जाएं तो वहां पर हर एक आम आदमी मलयालम जानता है। उन्होंने कहा कि हम एक भारत, श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना के साथ स्थानीय भाषा के साथ-साथ हिंदी को प्रमोट करते हैं क्योंकि यदि आप देश के बारे में बात करते हैं तो क्या तमिलनाडु के व्यक्ति को यह अधिकार नहीं है कि वह दिल्ली में जाकर रोजगार करे, लखनऊ में जाकर नौकरी करे, उसको क्या यह अधिकार नहीं है कि वह देश के किसी भी राज्य में आकर नौकरी करे। यदि वह इन भाषाओं के विषय में जानता है तो उसके पास व्यापक विकल्प होगा कि वह देश में कहीं भी जाकर अपने लिए मौका खोज सके और सम्मान पा सके।