बता दें की तुंगनाथ शिव मंदिर सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित पंच-केदार मंदिरों में से एक है। यह मंदिर कई हज़ार वर्ष पुराना है। इसकी स्थापना की कहानी पांडवों से संबंधित है साथ ही रामायण में भी इसका जिक्र किया गया है।  

उत्तराखंड के इस तुंगनाथ मंदिर में शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के क्राउन प्रिंस शेख खलीफा बिन जाएद अल नाहयान के प्रतिनिधि मोहम्मद अली राशिद अलबार चार्टर हेलीकॉप्टर से पहुंचे। उन्होंने वहां लगभग दो घंटे तक मंदिर में पूजा-अर्चना की साथ ही उन्होंने हवन भी किया और भगवान को चाँदी की छतरी तथा छड़ी अर्पित की। वह भगवान तुंगनाथ की भव्यता और सौंदर्य से बहुत प्रभावित हुए।

इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि तुंगनाथ के लिए वह बहुत श्रद्धा भाव रखते हैं। अली राशिद के स्वागत के लिए वहां बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर के पदाधिकारियों के साथ-साथ जिला प्रशासन के लोग भी उपस्थित थे। वह कार से चोपता पहुँचे और वहाँ से घोड़े के जरिये तीन किलोमीटर की चढ़ाई कर के तुंगनाथ धाम दर्शन करने पहुँच गए। हालाँकि उन्हें देहरादून होते हुए तुंगनाथ जाना था, परन्तु वह दिल्ली से ही सीधे तुंगनाथ पहुंचे।

बता दें कि वहाँ भंडारे का आयोजन भी किया गया। मोहम्मद अली राशिद शाम को 5 बजे वापस दिल्ली लौट गए।

जानकारी दे दें कि 829 मीटर की दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा और द दुबई मॉल के अली राशिद डेवलपर रहे हैं। अली राशिद की गिनती यूएई के सबसे बड़े रियल इस्टेट कारोबारियों में  की जाती है। इतना ही नहीं अली राशिद 583 करोड़ डॉलर रेवेन्यू वाली कम्पनी ईमार प्रॉपर्टीज के संस्थापक भी हैं।