यूरोपीय सांसदों के डेलीगेशन के श्रीनगर पहुँचने पर विपक्ष ने कसे मोदी सरकार पर तंज

Go to the profile of  Prabhat Sharma
Prabhat Sharma
1 min read
यूरोपीय सांसदों के डेलीगेशन के श्रीनगर पहुँचने पर विपक्ष ने कसे मोदी सरकार पर तंज

यूरोपीय सांसदों का एक दल आर्टिकल 370 हटने के बाद कश्मीर दौरे पर आया है। बस के जरिए 27 सदस्यों का डेलीगेशन आज श्रीनगर पहुंचा। आर्टिकल 370 हटने के बाद से तीन महीने बाद ये किसी विदेशी दल का पहला दौरा है इसे लेकर मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है।

विदेशी सांसदों के कश्मीर दौरे को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार को घेरा है। प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया 'कश्मीर में यूरोपीय सांसदों को सैर-सपाटा और हस्तक्षेप की इजाजत है लेकिन भारतीय सांसदों और नेताओं को पहुंचते ही हवाई अड्डे से वापस भेजा गया। बड़ा अनोखा राष्ट्रवाद है यह।'

राहुल गांधी ने प्रियंका से पहले EU सांसदों को जम्मू-कश्मीर जाने देने और भारतीय सांसदों पर 'बैन' को लेकर सवाल उठाए थे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि, 'यूरोप के सांसदों का जम्मू-कश्मीर दौरे के लिए स्वागत है, लेकिन भारतीय सांसदों पर प्रतिबंध है और एंट्री नहीं है। इसमें कहीं न कहीं कुछ बहुत गलत है।'

इसके अतिरिक्त एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'यूरोपीय संसद के सांसद जो इस्लामोफोबिया के शिकार हैं, कश्मीर दौरे के लिए उनका चुनाव किया गया है। ऐसे लोग मुस्लिम बहुल घाटी जा रहे हैं।'

कश्मीर जाने वाले यूरोपीय सांसदों की टीम में यूके के डेविड रिचर्ड बुल, इटली के फल्वियो मार्तुसीलो, फ्रांस की जूली लिचेनटेक्स, इटली की गियाना जेनिसा, चेक रिपब्लिक के टॉमस ज़ेकोवस्की, जर्मनी के निकोलस फेस्ट और स्लोवाकिया के पीटर पोलाक शामिल हैं। प्रतिनिधि मंडल के कुल 27 सदस्यों में से 22 दक्षिणपंथी समर्थक के रूप पर जाने जाते हैं। इन सदस्यों में वे नेता भी शामिल हैं जो इटली में परदेसियों के बसने के विरोधी हैं। यूके में ये सांसद ब्रेक्जिट का समर्थन करते हैं साथ ही कुछ तो मुस्लिम विरोधी विचारधारा के भी हैं।

GO TOP