महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों में कई बड़े उतार चढ़ाव देखने को मिले है। अब महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाई है। इस सरकार में उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने है। सरकार बनने के बाद हिंदूवादी शिवसेना अब सेक्युलर बन गई है जिसके कारण शिवसेना की विचारधारा वाले हिंदूवादी कार्यकर्ता अब उद्धव से नाराज है।

इस नाराज़गी का असर अब दिखने भी लगा है। शिवसेना के करीब 400 हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने शिवसेना को छोड़ दिया है और भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इस पूरे मामले पर शिवसेना छोड़कर जाने वाले एक कार्यकर्ता ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा "शिवसेना ने भ्रष्ट और हिंदू विरोधी दलों के साथ हाथ मिला लिया है. इससे हम नाराज हैं।"

ग़ौरतलब है कि महाराष्ट्र में शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई है और तीनों दल ने उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर सहमति दी थी। अभी फ़िलहाल तीनों पार्टियों के 2-2 विधायकों ने शपथ ली है और उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र में कैबिनेट के मंत्रियों का चयन हो चुका है सिर्फ इनके नाम की घोषणा करना बाकी है। जानकारों का मानना है कि शिवसेना ने सत्ता पाने के लालच में अपने पिता के सिद्धांतों को एक तरफ रखकर सरकार बनाई है जिसके कारण शिवसैनिक शिवसेना छोड़ रहे है।