चंद्रयान 2 मिशन के साथ गए "विक्रम लैंडर" के बारे में कल NASA ने खुलासा किया था और बताया था की चाँद की सतह पर आखिर लैंडर कहाँ गिर कर क्रैश हुआ। इस खबर के ब्रेक होने के बाद यह कल दिन भर सुर्खियां बटोरता रहा। इस खबर के साथ एक और खबर चल रही थी जिसमे कहा जा रहा था की भारतीय युवक शनमुगा सुब्रमण्यन ने लैंडर का लोकेशन पता करने में मदद की थी। शनमुगा सुब्रमण्यन ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया की उन्होंने लैंडर से जुड़ी जानकारी NASA से पहले ISRO को भेजी थी पर ISRO के वैज्ञानिकों ने इसपर ध्यान नहीं दिया।

अब इस विषय पर इसरो का पक्ष भी सामने आ गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चीफ के सिवन ने NASA द्वारा जारी की गई जानकारियों पर बताया कि हमारे खुद के ऑर्बिटर ने सबसे पहले लैंडर विक्रम के मलबे को खोज निकाला था। उन्होंने आगे बताया कि "हमने पहले ही इसकी घोषणा इसरो की वेबसाइट पर कर दी थी। आप बेवसाइट पर जाकर इसे देख भी सकते हैं।"

अब ऐसे में शनमुगा सुब्रमण्यन के इस बात का कोई मतलब नहीं बनता की इसरो के वैज्ञानिकों ने उनकी जानकारियों पर ध्यान नहीं दिया क्योंकि इसरो ने बहुत पहले ही लैंडर की लोकेशन पता कर ली थी।

गौरतलब है की भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा भेजे गए चंद्रयान 2 के साथ गए विक्रम लैंडर का सात सिंतबर को चाँद की सतह पैर लैंडिंग के कुछ मिनट पहले ही संपर्क टूट गया था।  इसके बाद कई दिनों तक इसरो के वैज्ञानिकों ने विक्रम लैंडर से संपर्क कि कोशिश की पर संपर्क पुनः स्थापित नहीं हो पाया।