भारतीय वायुसेना को मिली राफेल विमानों की दूसरी खेप, पाकिस्तानी विमानों से कहीं बेहतर है राफेल

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Nikhil Talwaniya
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भारतीय वायुसेना को मिली राफेल विमानों की दूसरी खेप, पाकिस्तानी विमानों से कहीं बेहतर है राफेल

राफेल जेट विमान की दूसरी खेप भारतीय वायु सेना को दे दी गई है। इस बात की जानकारी भारत सरकार की तरफ से दी गई है और बताया गया है कि राफेल जेट विमान की दूसरी खेप में तीन राफेल जेट विमान भारतीय वायु सेना को सौंपे गए हैं। इन जेट्स का इस्तेमाल फिलहाल फ्रांस में ही वायु सेना के पायलट और तकनीशियनों को प्रशिक्षित करने में हो रहा है।

मीडिया में आ रही ख़बरों के मुताबिक, भारत और फ्रांस ने सितंबर 2016 में 36 राफेल विमानों के लिए 7.87 अरब यूरो अर्थात 59,000 करोड़ रुपये के समझौते पर दस्तखत किए थे और इसी समझौते के तहत अब अलग अलग खेप में भारतीय वायु सेना को राफेल विमान सौंपे जा रहे हैं।

गौरतलब है की राफेल विमान की पहली खेप आठ अक्टूबर को विजयादशमी और भारतीय वायुसेना दिवस के दिन प्राप्त हुई थी। इस दिन केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शास्त्र पूजा कर राफेल को प्राप्त किया था साथ ही साथ उन्होंने राफेल में करीब 25 मिनट तक उड़ान भी भरी थी। अब इसी कड़ी में राफेल विमानों की दूसरी खेप भी भारतीय वायुसेना को सौंप दी गई है।

राफेल विमानों की दूसरी खेप के बाद अब इस कड़ी में अब चार राफेल विमानों की एक खेप भारत में मई 2020 तक पहुँच जायेगी।

राफेल में दरअसल पाकिस्तानी वायुसेना में शामिल एफ-16 से अधिक आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यदि रडार से बचने की बात की जाए तो यह एफ-16 से कहीं ज्यादा अच्छा है। राफेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले में 10 में से 9 रेटिंग मिली है और एफ-16 को 10 में से 7.8 रेटिंग ही मिली है। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग के अनुसार देखा जाए, तो हथियार के मामले में भी राफेल एफ-16 से आगे है। इसके लिए राफेल को 10 में से 8.6 रेटिंग दी गई है और एफ-16 को 10 में से 7.9 रेटिंग मिली है। करीब 60 हजार फीट प्रति मिनट की दर से राफेल ऊंचाई चढ़ सकता है। लेकिन एफ-16 की दर करीब 50 हजार फीट प्रति मिनट है।

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