अमेरिका में सोशल मीडिया के बढ़ते चलन के कारण प्रिंट मीडिया में नौकरियों का संकट देखने को मिल रहा है। जिसके कारण अमेरिकी पत्रकारों को बहुत सी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। अब इस समस्या को दूर करने के लिए फेसबुक ने एक बड़ा कदम उठाया है जिसके अंतर्गत फेसबुक में पेशेवर पत्रकारों को नौकरी देने का फैसला लिया गया है। फेसबुक ने इस वर्ष जनवरी में घोषणा की थी कि वह स्थानीय समाचार संगठनों में तीन साल में 3000 लाख अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगी।

इस फैसले के बाद फेसबुक पेशेवर पत्रकारों को नौकरी देगी और अब फेसबुक एल्गोरिदम का इस्तेमाल करने के बजाय पत्रकारों की मदद से खबरे आप तक पहुँचाएगा। फेसबुक अब न्यूज़ को दिखाने का तरीका बदलने वाला है। न्यूज़ अब न्यूज़ फीड की जगह न्यूज़ टैब में दिखेगी। विशेषज्ञों की माने तो कई विशेषज्ञ फेसबुक के इस फैसले को सराहनीय बता रहे हैं तो कई इस विषय में टिप्पणी कर रहे है कि यह कारगर साबित नहीं होगा। जानकारी दे दें कि प्यू अनुसंधान केंद्र ने बीते वर्ष एक सर्वे किया था जिसमे उन्होंने पाया कि अमेरिकी समाचार पत्रों में काम कर रहे पत्रकारों की संख्या में 47 फीसदी की कमी आई है।

फेसबुक राष्ट्रीय स्तर पर बड़े समाचारों के लिए कई छोटी छोटी टीम बनाएगा। यह टीम फेसबुक पर आ रही ख़बरों को सत्यापित करेगी। इस टीम का उद्देश्य ख़बरों की वास्तविकता जानना होगा। यह टीम ख़बरों की सुर्खियाँ और उसका कंटेंट नहीं बदलेगी बस खबर की वास्तविकता जांचेगी।

इस विषय पर डेलावेयर विश्वविद्यालय में संचार विभाग की प्रोफेसर डेना यंग ने मीडिया को एक बयान दिया है जिसमे उन्होंने कहा कि "सैद्धांतिक रूप से मैं इसे बेहद सकारात्मक कदम मानती हूँ, इससे नई आशा जगी है। उन्होंने कहा कि ये फैसला परिवर्तनकारी नहीं है क्योंकि जरूरी नहीं कि इससे उन लोगों के व्यवहार में बदलाव आए जो अपनी फीड पर जानकारियाँ हासिल करने के आदी हैं। फेसबुक मीडिया कंपनी नहीं है इसलिए फेसबुक के लिए काम करने से पहले मैं नैतिक, मजबूत पत्रकारिता के लिए उनकी प्रतिबद्धता देखना चाहती हूँ। फेसबुक की ओर से लिए गए इस फैसले के बाद पत्रकारिता की पढाई कर रहे नये छात्रों को भी बेहतर करियर बनाने में मदद मिल सकती है।" अभी इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि फेसबुक कितनी वेकन्सी निकलेगा और किस योग्यता के आधार पर पत्रकारों का चयन करेगा।