वृंदावन के निधिवन में चुपके से रुक गई पटना की लड़की, फिर हुआ कुछ ऐसा.. बुलानी पड़ी पुलिस

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Rishabh Verma
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वृंदावन के निधिवन में चुपके से रुक गई पटना की लड़की, फिर हुआ कुछ ऐसा.. बुलानी पड़ी पुलिस

ऐसा माना जाता है कि भगवान श्री कृष्ण रोज रात को मध्यरात्रि में वृंदावन के निधिवन में राधारानी और 16 हजार गोपियों के साथ रास रचाने आते है। इसी विहंगम दृश्य को देखने का पटना की एक लड़की ने प्रयास किया था परन्तु इस में वो सफल नहीं हो पाई।

दरअसल एक युवती अपने पिता से स्वास्थ जांच के नाम पर 1500 रूपए लेकर वृंदावन आई थी उसने शनिवार और रविवार को भी मंदिर में रुकने का प्रयास किया था लेकिन पुजारियों ने उसे रुकने नहीं दिया। लड़की ने तीसरे दिन फिर निधिवन में छुपने का प्रयास किया परन्तु सेवायत गोस्वामी ने उसे पकड़ लिया और उसे बाहर जाने का भी कहा पर वो नहीं मानी। बाद में सेवायत गोस्वामी को पुलिस की सहायता लेनी पड़ी और पुलिस ने एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता की मदद से उसे निधिवन से बाहर निकाला।

इस पर निधिवन राज मंदिर के सेवायत गोस्वामी भीकचंद ने जानकारी दी कि "ठाकुर जी को शयन कराने के पश्चात मैं अक्सर वन का निरीक्षण करता हूँ कि कहीं श्रद्धालु भगवद्दर्शन की लालसा के वशीभूत हो वहां छिपा तो नहीं रह गया है। सोमवार को भी जब उन्होंने युवती को वहां देखा तो पहले उसे समझाया, लेकिन उसके जिद्द पर अड़े रहने पर पुलिस की मदद ली।"

वृन्दावन कोतवाली प्रभारी फूलचंद वर्मा ने जानकारी दी "युवती पटना से आई थी। उसके पिता दाल के व्यापारी हैं। सोमवार को उसे निधि वन से बाहर निकालने के बाद महिला सामाजिक कार्यकर्ता की सुपुर्दगी में देकर पिता का इंतजार करने को कहा गया था। आज उसके पिता यहां पहुंचे तो युवती को उनके सुपुर्द कर दिया गया।"

ग़ौरतलब है कि प्राचीन मान्यता के अनुसार इस वन में प्रतिदिन रात्रि में श्री राधाकृष्ण जी आते है और यहाँ पर 16 हजार रानियों के साथ रास रचाते है। यहाँ पर भगवान श्री कृष्ण जी बाँसुरी बजाते है जिसकी मधुर ध्वनि भी सुन सकते है। श्री राधारानी और गोपियों की पायल की आवाज़ भी सुनाई दे जाती है।

यहाँ पर एक रंग महल भी है जिसमे एक चंदन का पलंग भी लगाया जाता है। इस पलंग को सुबह देखो तो लगता है कि पलंग पर रात को कोई विश्राम करके गया हों। माना जाता है कि यहाँ पर भगवान श्री कृष्ण और राधा जी विश्राम करने आते है। निधिवन में 16 हजार वृक्ष हैं जो एक दूसरे से कुछ इस तरह जुड़े हुए है कि मानो यही वो 16 हजार रानियां हैं।

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