आर्थिक मंदी के कारण देश की बड़ी कंपनियां हजारों कर्मचारियों को दिखाने वाली है बाहर का रास्ता

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Rishabh Verma
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आर्थिक मंदी के कारण देश की बड़ी कंपनियां हजारों कर्मचारियों को दिखाने वाली है बाहर का रास्ता

विश्व में चल रहे ट्रेड वार के कारण पूरे विश्व को आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ रहा है। इसका असर भारत में भी देखने को मिला रहा है। भारत की बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियां अपने अपने स्तर पर छटनी कर रही है। पिछले कुछ समय पहले विश्व की नामी कंपनी कॉग्निजेंट ने भी करीब 13 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला लिया था और अब इसकी घोषणा भी कर दी है। कॉग्निजेंट में हुई इस छटनी का असर सबसे ज्यादा उन कर्मचारियों पर पड़ा जिनका वेतन सबसे ज्यादा था।

अब देश की बड़ी कंपनी इंफ़ोसिस ने भी अपने 10 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से बाहर करने का फैसला लिया है। कंपनी ने इस छटनी में अपने वरिष्ठ और माध्यम स्तर के कर्मचारियों को निकालने का फैसला लिया है। अगर हम सूत्रों की माने तो इंफ़ोसिस अपने जेएल6 में मौजूद 10 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से निकालने वाली है और इनकी संख्या लगभग 2200 है।

इंफ़ोसिस के जेएल6 से जेएल8 में करीब 30 हजार कर्मचारी है। इन सब के अतिरिक्त इंफ़ोसिस जेएल3 से जेएल5 के बीच करीब 5 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकालने वाली है। कंपनी अपने असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट से लेकर एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट तक के स्तर पर छटनी करने वाली है।

कॉग्निजेंट के सीईओ ने भी अपने बयान में कहा था "संगठनात्मगक पुनर्गठन के कारण कंपनी ने यह मुश्किल फैसला लिया है जिस वजह से 12,000 से अधिक कर्मचारियों को अपनी नौकरी छोड़नी पड़ेगी। यह कदम लागत को कम करने और कौशल विकास के साथ-साथ ग्रोथ में निवेश के लिए उठाया गया है।"

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